बाड़मेर । कृषि विभाग द्वारा किसानों को एक दिवशीय प्रक्षिशण में किसानों को जैविक खेती के बारे में जानकारी दी गई। गुड़ानाल के पूर्व सरपंच चन्द्र सिंह राजपुरोहित ने कहा कि मिट्टी की गुणवत्ता नीव है, जिस पर जैविक खेती आधारित है। खेती के तरीकों से कोशिश है कि मिट्टी की उर्वरता का निर्माण और रखरखाव बना रहे। इसके लिए एकाधिक फसलें उगाना, फसलों का परिक्रमण, जैविक खाद और कीटनाशक और न्यूनतम जुताई आदि तरीके हैं। मिट्टी में मूल जैविक तत्व प्राकृतिक पौधों के पौष्टिक तत्वों से बना है, जो हरी खाद, पशु का खाद, कम्पोस्ट और पौधों के अवशेष से बना है। कई अध्ययनों के अनुसार, जैविक खेती मे पारंपरिक खेती प्रणाली की तुलना में अधिक श्रम निवेश की आवश्यकता होती है। इसलिए जैविक खेती को किसानो को अपनाना चाहिए।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें